
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। प्रदेश के सभी स्कूलों में अब केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाएगी। यूपी बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को अब NCERT और बोर्ड द्वारा अधिकृत पुस्तकों का ही उपयोग करना होगा।
चाहे आप लखनऊ से हों, कानपुर से, मुरादाबाद से या बरेली से—यह नियम पूरे प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। इस आर्टिकल में जानिए पूरी डिटेल्स—कौन सी किताबें अनिवार्य हैं, स्कूलों पर क्या पाबंदियाँ हैं, और अगर नियम तोड़ा तो क्या होगा?
ताजा अपडेट और खबर
UP Board Mandates NCERT Books: यूपी बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए सभी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी और बोर्ड द्वारा अधिकृत पुस्तकों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है . यह निर्देश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत जारी किया गया है।
बड़ी खबर: बोर्ड ने 70 एनसीईआरटी पुस्तकों को प्रचलन में लाया है, जो 36 विषयों में कक्षा 9 से 12 तक के लिए होंगी . इसके अलावा हिंदी, संस्कृत और उर्दू की 12 पुस्तकें भी शामिल की गई हैं .
जांच अभियान: शिक्षा विभाग के अधिकारी 1 से 10 अप्रैल और 1 से 15 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाकर स्कूलों में निरीक्षण करेंगे .
उत्तर प्रदेश में मौजूदा स्थिति
यूपी बोर्ड ने सत्र 2026-27 के लिए किताबों के मुद्रण और वितरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में पांच महीने पहले शुरू कर दी है . इसका सीधा फायदा 1.5 करोड़ से अधिक छात्रों को होगा .
पहले के सालों में किताबें जुलाई तक भी स्कूलों नहीं पहुंच पाती थीं, जिससे छात्रों को महंगी निजी किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता था . इस बार बोर्ड ने टेंडर प्रक्रिया अक्टूबर में ही शुरू कर दी थी, जिससे किताबें सत्र शुरू होने से पहले ही बाजार में उपलब्ध हो गई हैं .
Class 9–12 के छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
यदि आप यूपी बोर्ड के छात्र हैं, तो नए सत्र के लिए ये बातें जरूर जान लें:
- केवल अधिकृत किताबें ही मान्य: अब स्कूल में कोई भी अन्य किताब (गाइड, रेफरेंस बुक) नहीं चलेगी। सिर्फ एनसीईआरटी और बोर्ड की किताबों से ही पढ़ाई होगी .
- किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध: कक्षा 9 की सभी 10 किताबें सिर्फ ₹395 में मिलेंगी, कक्षा 10 की ₹440 में, कक्षा 11 की ₹458 में और कक्षा 12 की ₹412 में . ये कीमतें प्राइवेट प्रकाशकों की किताबों से एक-तिहाई हैं .
- तीन अधिकृत मुद्रक: किताबों के मुद्रण और वितरण के लिए केवल तीन एजेंसियों को अधिकृत किया गया है . इन्हीं से किताबें खरीदें।
School प्रशासन और Teachers के लिए जरूरी जानकारी
स्कूलों और शिक्षकों के लिए भी बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- गाइड या रेफरेंस बुक खरीदने के लिए मजबूर न करें: स्कूलों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों को अनधिकृत प्रकाशकों की गाइडबुक या रेफरेंस बुक खरीदने के लिए बाध्य न करें .
- नियम तोड़ने पर कार्रवाई: यदि कोई संस्थान या शिक्षक अनधिकृत पुस्तकों का उपयोग करता पाया गया, तो उनके खिलाफ इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी .
- पुस्तक जागरूकता शिविर: सभी स्कूलों में पुस्तक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों और अभिभावकों को अधिकृत पुस्तकों की जानकारी दी जा सके .
अधिकृत पुस्तकों की सूची: Eligibility और विषय विवरण
बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक के लिए 70 एनसीईआरटी पुस्तकों को अधिकृत किया है। नीचे दी गई टेबल से आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी :
| कक्षा | प्रकार | विषय | पुस्तकों की संख्या | कीमत (₹) |
|---|---|---|---|---|
| कक्षा 9} | NCERT | अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान + हिंदी/संस्कृत | 10 | 395 |
| कक्षा 10} | NCERT | अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान + हिंदी/संस्कृत | 10 | 440 |
| कक्षा 11} | NCERT | अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन, गणित/जीवविज्ञान, इतिहास, भूगोल आदि | — | 458 |
| कक्षा 12} | NCERT | अंग्रेजी, भौतिकी, रसायन, गणित/जीवविज्ञान, इतिहास, अर्थशास्त्र, लेखाशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन आदि | — | 412 |
| कक्षा 9-12} | UP Board Specific | हिंदी, संस्कृत, उर्दू | 12 | Affordable |
Important Dates: Academic Calendar 2026-27
नए सत्र की महत्वपूर्ण तारीखें ये रहीं :
- सत्र प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026
- कक्षा 9 का पंजीकरण: 1 अप्रैल 2026 से
- पहला निरीक्षण अभियान: 1-10 अप्रैल 2026
- दूसरा निरीक्षण अभियान: 1-15 जुलाई 2026
- आधा वार्षिक परीक्षाएँ: सितंबर 2026 में (60% सिलेबस पर)
- प्री-बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा (कक्षा 12): 11 जनवरी 2027 से
- प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा (कक्षा 12): 18 जनवरी 2027 से
- कक्षा 9 और 11 की वार्षिक परीक्षाएँ: 1-10 फरवरी 2027
- कक्षा 10 और 12 बोर्ड परीक्षाएँ: फरवरी 2027
- प्रायोगिक परीक्षाएँ (कक्षा 10,12): 27 जनवरी से 10 फरवरी 2027
Students की आम गलतियां
फील्ड में काम करते हुए मैंने देखा है कि स्टूडेंट्स और पैरेंट्स कुछ गलतियाँ बार-बार दोहराते हैं। इनसे बचें:
- अनाधिकृत किताबें खरीद लेना: कई दुकानदार पुराने स्टॉक या निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने की कोशिश करेंगे। केवल वही किताबें खरीदें जो बोर्ड की अधिकृत सूची में हों .
- “महंगी किताबें बेहतर होती हैं” का भ्रम: बोर्ड की अधिकृत किताबें NCERT द्वारा विकसित की जाती हैं, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। ये किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी सबसे उपयोगी होती हैं .
- गाइड और रेफरेंस बुक पर निर्भर रहना: बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि गाइडबुक खरीदना अनिवार्य नहीं है। NCERT किताबों को अच्छे से पढ़ना ही पर्याप्त है .
- पुरानी किताबों का उपयोग: नए सत्र के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव हुए हैं। इसलिए पुरानी किताबों का उपयोग न करें .
Parents को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
पैरेंट्स के तौर पर आप चाहते हैं कि बच्चे की पढ़ाई अच्छे से हो और पैसा भी बेकार न जाए। यहाँ कुछ जरूरी सुझाव:
- अधिकृत विक्रेताओं से ही किताबें खरीदें: बोर्ड ने तीन प्रकाशकों को अधिकृत किया है। इन्हीं के पास से किताबें खरीदें। दुकानदार से किताब पर ‘अधिकृत’ होने का स्टांप या मार्क जरूर चेक करें .
- स्कूल द्वारा अतिरिक्त किताबें खरीदने के दबाव में न आएं: बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों को गाइडबुक या रेफरेंस बुक खरीदने के लिए मजबूर न करें। अगर कोई स्कूल ऐसा करता है, तो DIOS से शिकायत करें .
- किताबों की कीमत पहले से जान लें: कक्षा 9 की किताबें ₹395 में, कक्षा 10 की ₹440 में, कक्षा 11 की ₹458 में और कक्षा 12 की ₹412 में मिलेंगी . इससे ज्यादा पैसे मांगने पर शिकायत करें।
- पायरेसी से बचें: बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि पुस्तकों का कॉपीराइट उसके पास है। पायरेटेड किताबें बेचने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी .
यूपी बोर्ड से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारी यूपी के टॉप कॉलेज लिस्ट और स्कॉलरशिप योजनाओं की जानकारी जरूर पढ़ें।
Career Scope और Future Opportunities
NCERT पुस्तकों को अनिवार्य करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब यूपी बोर्ड के छात्र भी देश के टॉप प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, NEET, CUET, UPSC, SSC) के लिए समान स्तर की तैयारी कर पाएंगे .
पहले यूपी बोर्ड की किताबों और NCERT में काफी अंतर था, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अलग से NCERT पढ़नी पड़ती थी। अब दोनों एक हो गई हैं, जिससे छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
बोर्ड ने 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी है, और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना भी अनिवार्य किया है . इससे अनुशासन में सुधार होगा और पढ़ाई पर ध्यान बढ़ेगा। स्कूलों में साइबर क्लब भी बनाए जाएंगे, जहाँ छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया जाएगा .
इंजीनियरिंग या MBA की तैयारी कर रहे हैं, तो यूपी के इंजीनियरिंग कॉलेज और बेस्ट MBA कॉलेज की लिस्ट जरूर देखें।
Students के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: क्या अब यूपी बोर्ड के स्कूलों में पूरी तरह से NCERT की किताबें ही लागू होंगी?
जवाब: हाँ। कक्षा 9 से 12 तक के लिए 70 NCERT पुस्तकों को अनिवार्य कर दिया गया है। केवल हिंदी, संस्कृत और उर्दू की किताबें UP Board द्वारा विकसित की गई हैं .
सवाल: क्या स्कूल गाइड या रेफरेंस बुक खरीदने के लिए कह सकते हैं?
जवाब: बिल्कुल नहीं। बोर्ड ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिया है कि वे छात्रों को गाइडबुक या रेफरेंस बुक खरीदने के लिए मजबूर न करें। अगर कोई स्कूल ऐसा करता है, तो शिकायत कर सकते हैं .
सवाल: नई किताबें कहाँ से मिलेंगी और कितने की हैं?
जवाब: किताबें सभी जिलों के थोक/खुदरा विक्रेताओं से मिलेंगी। कक्षा 9 की सभी 10 किताबें ₹395 में, कक्षा 10 की ₹440 में, कक्षा 11 की ₹458 में और कक्षा 12 की ₹412 में मिलेंगी .
सवाल: अगर कोई स्कूल अनधिकृत किताबों से पढ़ाता है तो क्या होगा?
जवाब: बोर्ड ने निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। ऐसे स्कूलों और शिक्षकों के खिलाफ इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी .
सवाल: क्या पुरानी NCERT किताबों का उपयोग किया जा सकता है?
जवाब: नहीं। नए सत्र के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन किए गए हैं। इसलिए नई किताबें ही खरीदें .
सवाल: मैं बरेली या मुरादाबाद से हूँ, क्या मेरे यहाँ भी ये नियम लागू है?
जवाब: हाँ, यह नियम पूरे उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू है .
निष्कर्ष: शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता की ओर बड़ा कदम
यूपी बोर्ड का यह फैसला प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है। केवल NCERT और अधिकृत पुस्तकों को अनिवार्य करके बोर्ड ने छात्रों को गुमराह करने वाली अनधिकृत किताबों पर रोक लगा दी है .
इससे न सिर्फ छात्रों पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि उन्हें देश स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर तैयारी मिल सकेगी . स्कूलों में नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई से इस नियम का पालन सुनिश्चित किया जाएगा .
अगर आप यूपी बोर्ड के छात्र हैं या आपके बच्चे हैं, तो सुनिश्चित करें कि उनके पास केवल अधिकृत किताबें हों। किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) से शिकायत करें।
अपने शहर—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद—में सही किताबें खरीदें और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में मदद करें।
Important Official Links
किसी भी तरह के स्कैम से बचने के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट का ही उपयोग करें। यहाँ जरूरी लिंक दिए जा रहे हैं:
| Purpose | Official Link |
|---|---|
| UP Board Official Website (UPMSP) \u2013 सभी अधिकृत जानकारी | https://www.upmsp.edu.in/ |
| NCERT Official Website \u2013 डिजिटल किताबें PDF में डाउनलोड करें | https://ncert.nic.in/ |
| UP Government Official Portal | https://up.gov.in/ |
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