
लखनऊ / प्रयागराज / कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ (School Chalo Abhiyan) को बड़े पैमाने पर विस्तार दिया है। अब प्रदेश के उन लाखों बच्चों तक पहुंचने की योजना है, जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं (ड्रॉपआउट) या जिनका कभी स्कूल में दाखिला ही नहीं हुआ। यह अभियान यूपी के 75 जिलों में शुरू किया जाएगा और इसमें शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, NSS वॉलिंटियर्स की मदद ली जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को ‘प्रदेश के भविष्य को बदलने वाली पहल’ बताया है। उनका लक्ष्य है कि 2027 तक उत्तर प्रदेश का शत-प्रतिशत बच्चा स्कूल में नामांकित हो।
ताजा अपडेट और खबर
- अभियान का नाम: स्कूल चलो अभियान (School Chalo Campaign) 2026
- लक्ष्य: 5 लाख से अधिक ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना (पहले चरण में)।
- अवधि: 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 (तीन माह का विशेष अभियान)
- लाभ: मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, दोपहर का भोजन, और छात्रवृत्ति (UP Scholarship) की सुविधा।
- नोडल विभाग: बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department), यूपी सरकार।
- मॉनिटरिंग: जिला स्तर पर बीएसए(Basic Shiksha Adhikari) और ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) होंगे मॉनिटर।
उत्तर प्रदेश में मौजूदा स्थिति
यूनीसेफ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में अभी भी लगभग 9.8 लाख बच्चे प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं से बाहर हैं। कोविड के बाद से यह संख्या बढ़ी थी, लेकिन सरकार के पिछले प्रयासों से 2024-25 में लगभग 2 लाख बच्चों को स्कूल वापस लाया गया था। इस बार का लक्ष्य और अधिक महत्वाकांक्षी है।
पिछले वर्ष 190 जिलों में अभियान चला था, इस बार सभी 75 जिलों में एक साथ अभियान शुरू होगा।
Class 10–12 के छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
कक्षा 10 और 12 के छात्र भी इस अभियान में भाग ले सकते हैं। यदि आप कभी ड्रॉपआउट हुए हैं और अब फिर से पढ़ना चाहते हैं, तो सरकार आपको सीधे कक्षा 9 या 11 में दाखिला देगी (उम्र और पिछली शैक्षिक योग्यता के अनुसार)।
इसके अलावा, सरकार NIOS (National Institute of Open Schooling) के माध्यम से 10वीं और 12वीं की डिग्री देने की भी योजना बना रही है, जहां परीक्षाएं ऑनलाइन या फिर खुले स्कूली मॉडल में आयोजित होंगी।
College और University Students के लिए जरूरी जानकारी
यदि आप कॉलेज के छात्र हैं, तो आप भी इस अभियान में स्वयंसेवक (Volunteer) बन सकते हैं। NSS (National Service Scheme) के माध्यम से अपने कॉलेज में संपर्क करें। आपको शिक्षकों के साथ मिलकर गरीब बस्तियों में जाकर फॉर्म भरने और अभिभावकों को जागरूक करने का काम दिया जाएगा।
इससे न सिर्फ समाज सेवा होगी, बल्कि रिज्यूम (CV) में भी यह एक प्लस पॉइंट रहेगा।
UP School Chalo Abhiyan 2026: एक नजर में लक्ष्य और प्रमुख बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अभियान प्रारंभ (Campaign Start) | 1 मई 2026 |
| अभियान समाप्ति (Campaign End) | 31 जुलाई 2026 |
| लक्षित बच्चे (Target Children) | 6-14 वर्ष के आउट-ऑफ-स्कूल और 15-18 के ड्रॉपआउट |
| ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) | https://schoolchalo.up.gov.in (जल्द शुरू) |
| मुख्य सुविधा | मुफ्त शिक्षा, किताबें, वर्दी, मध्याह्न भोजन |
Eligibility और Admission Process
Eligibility (पात्रता):
- 6 से 14 वर्ष के वे बच्चे जिनका कभी स्कूल में नामांकन नहीं हुआ।
- 15 से 18 वर्ष के वे किशोर जो कक्षा 8 या उससे ऊपर छोड़ चुके हैं (Dropout)।
- विभिन्न कारणों (माइग्रेशन, गरीबी, विकलांगता) से दूर हुए बच्चे।
Admission Process (प्रवेश प्रक्रिया):
- आधार कार्ड, पिछली मार्कशीट (अगर उपलब्ध हो), और निवास प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी सरकारी स्कूल में संपर्क करें।
- सरकारी टीम (टीचर+आशा वर्कर) घर-घर सर्वे करेगी। अभिभावकों की सहमति पर तुरंत बच्चे का नामांकन किया जाएगा।
- विशेष मामलों में NIOS के रजिस्ट्रेशन के माध्यम से भी एडमिशन कराया जा सकता है।
प्रमुख जिलों में ड्रॉपआउट बच्चों का अनुमानित लक्ष्य
| जिला | लक्ष्य (ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या) |
|---|---|
| प्रयागराज (Prayagraj) | 18,500 |
| लखनऊ (Lucknow) | 15,200 |
| कानपुर (Kanpur) | 14,800 |
| मेरठ (Meerut) | 13,300 |
| बरेली (Bareilly) | 12,700 |
| गाजियाबाद (Ghaziabad) | 7,500 |
| मुरादाबाद (Moradabad) | 10,200 |
Important Dates (महत्वपूर्ण तारीखें)
- स्कूल चलो अभियान शुरू: 1 मई 2026
- घर-घर सर्वेक्षण: 1 मई से 15 मई 2026
- दस्तावेज एकत्रित करना: 16 से 25 मई 2026
- विशेष नामांकन शिविर: 1 जून से 15 जून 2026
- रिपोर्ट और फॉलो-अप: 25 जून से 15 जुलाई 2026
- अंतिम चरण: 31 जुलाई 2026
Students की आम गलतियां
- मिथ्या जानकारी (Fake Information) देना: कई अभिभावक सर्वेक्षण में गलत पता या बच्चे के बारे में गलत डिटेल देते हैं, जिससे नामांकन में देरी होती है।
- अनिच्छा दिखाना: बच्चे को स्कूल भेजने से ठीक पहले माता-पिता अन्य परिवारिक कामों का हवाला देकर मना कर देते हैं।
- उम्र-संबंधी दिक्कत: 9 वर्ष के बच्चे को कक्षा 1 में एडमिशन कराने में झिझक। सरकार अब प्रारंभिक कक्षाओं में एज लचीलापन दे रही है।
- कागजात पूरे न होना: प्रायः बस्ती इलाकों में आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र की कमी होती है; सरकार अस्थायी दस्तावेजों पर भी एडमिशन ले रही है।
Parents को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
- अगर आपका बच्चा 6-14 साल का है और स्कूल नहीं जाता, तो बेसिक शिक्षा विभाग की टीम से संपर्क करें या हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1100 पर कॉल करें।
- अपने आसपास के ड्रॉपआउट बच्चों के बारे में स्कूल में सूचना दें।
- सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त है और गुणवत्ता में सुधार हुआ है (स्मार्ट क्लास, लैब आदि)। बच्चे को प्राइवेट स्कूल के नाम पर भारी फीस देने की आवश्यकता नहीं।
Career Scope और Future Opportunities
यदि कोई बच्चा ड्रॉपआउट था और उसे स्कूल वापस मिल जाता है, तो वह आगे चलकर ITI, Diploma, Polytechnic, UG Course या गवर्नमेंट जॉब पा सकता है। सरकार ड्रॉपआउट बच्चों के लिए विशेष वोकेशनल ट्रेनिंग (हैंडीक्राफ्ट, कंप्यूटर बेसिक कोर्स) भी चला रही है, ताकि वे अपना भविष्य संवार सकें।
Students के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: स्कूल चलो अभियान में सबसे पहले कौन से जिलों को शामिल किया गया है?
जवाब: सभी 75 जिलों को शामिल किया गया है, खास तौर पर प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद में सघन गतिविधियां होंगी।
सवाल: क्या अभियान के तहत प्राइवेट स्कूलों में भी फ्री एडमिशन मिल सकता है?
जवाब: RTE Act के तहत निजी स्कूलों में 25% सीटों पर एडमिशन पहले से होता है। इस अभियान का फोकस सरकारी स्कूलों पर है।
सवाल: क्या NIOS के जरिए बिना स्कूल गए 10वीं-12वीं की परीक्षा दे सकते हैं?
जवाब: हाँ, NIOS का माध्यम मौजूद है। लेकिन अभियान का जोर नियमित स्कूली शिक्षा पर है।
सवाल: क्या इस अभियान में शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी?
जवाब: हां, ड्रॉपआउट बच्चों के साथ व्यवहार करने और काउंसिलिंग के लिए 1 लाख शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
सवाल: स्कूल चलो अभियान के लिए ऑनलाइन शिकायत कहां करें?
जवाब: जल्द ही schoolchalo.up.gov.in पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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External Official Links
- UP Basic Education Department Official Website
- NIOS (Open Schooling) Official Website
- CM Helpline Portal (UP)
Important Official Links
| Purpose | Official Link |
|---|---|
| UP Basic Education Department | https://basiceducation.up.gov.in |
| School Chalo Portal (Active Soon) | https://schoolchalo.up.gov.in |
योगी सरकार का ‘स्कूल चलो अभियान’ उन लाखों बच्चों के लिए एक अमृत काल का सूत्रपात है, जो शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित हैं। अब केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। यदि आपको अपने आसपास कोई ऐसा बच्चा दिखे, जो स्कूल नहीं जाता, तो नजदीकी सरकारी स्कूल या फिर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। पढ़ता यूपी, बढ़ता यूपी का सपना तभी साकार होगा।